भव्य पिच्छी परिवर्तन कार्यक्रम सानंद सम्पन्न

 


यह जानकारी देते हुए समाज के महामंत्री कैलाश लुहाडिया ने बताया कि प.पूज्य.108 उपाध्याय श्री विप्रणत सागरजी महाराज का पिच्छिका परिवर्तन कार्यक्रम भव्यता के साथ संपन्न हुआ



श्रीमती कल्पना जैन, किरण बड़जात्या, स्मिता गंगवाल, दीपिका गंगवाल के मंगलाचरण के साथ कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। दिप प्रज्जवन समाज के वरिष्ठ जनो के माध्यम से किया गया ।इसके पश्चात नन्ही बालिका कुहू पाटोदी ने नृत्य प्रस्तुत किया। चातुर्मास काल मे सेवाएं देने वाले समाज जनो का सम्मान किया गया। सम्मान प्रक्रिया का संचालन श्रीमती कौशल्या पतंगया और कल्पना जैन ने किया। सम्मान समाज के अध्यक्ष विमलचंद गंगवाल, कैलाश लुहाडिया, राजेश बज और पवन गुनावाले, कुशलराज जैन, मनोज टोंग्या ने और महिलाओं का सम्मान श्रीमती पद्मा गंगवाल, दमयंती लुहाडिया, ममता बज और मंजू जैन, मानी अजमेरा, रेखा पतंगया ने किया। साथ मे गिरीश पाटोदी, गिरीश काला, इंद्रकुमार सेठी, अतुल जैन ने सहयोग किया। पर्वी दीदी व भैय्याजी को वस्त्र भेंट किये गए। पाद प्रक्षालन का सौभाग्य श्री डॉ नेमीचंद जैन, संजय जैन, परिवार को प्राप्त हुआ। शास्त्र भेंट का लाभ अनेक समाज जन को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर आचार्य श्री विवेक सागरजी, शिवसागरजी व उपाध्याय बज शिवसागरजी व उपाध्याय श्री गुनावाले, विप्रणत सागरजी को अर्घ टोंग्या समर्पण किया गया। अर्घ की सम्मान थालिया सजाने में श्रीमती दमयंती सरिता जैन, हीरामणि पाटनी, और रेखा डोसी ने सहयोग किया। रेखा पिच्छिका परिवर्तन के पूर्व मे बहुत मनोहारी पिच्छी नृत्य उपाध्याय श्री मीठी दोषी, अक्षरा अर्घ बाकलीवाल, मिष्ठी काला, अर्घ की स्वस्ति पाटनी, नायशा पतंगया, श्रीमती श्रेयश जैन ने प्रस्तुत किया। पाटनी, जिसे नेहाली पतंगया, आकांक्षा किया। जैन और दीपिका गंगवाल ने पूर्व संजोया। नवीन पिच्छी को नृत्य श्रीमती सुनीता पाटनी और कल्पना जैन सजाया जिसकी सभी ने सराहना की नवीन पिच्छी भेंट करने का सौभाग्य समाज के पदाधिकारियों को प्राप्त हुआपुरानी पिच्छिका प्राप्त करने का सौभाग्य आयुष-शिवानी गंगवाल को प्राप्त हुआइसके पूर्व पूज्य उपाध्याय श्री ने मंगल प्रवचन करते हुए कहा कि पिच्छिका जो संयम का उपकरण है और इसके माध्यम से जीव की रक्षा होती है। पिच्छिका वो ही धारण कर सकता है जो संयम के मार्ग पर चल सकता है। उपस्थित समुदाय में से है कोई जो संयम के मार्ग को अपना कर पिच्छिका ग्रहण करना चाहता है। एक दम से श्री अशोक जैन ने अपनी भावना प्रकट की और गुरुदेव ने उसे क्षल्लक दीक्षा देकर अचल सागर नाम दिया। इस अवसर पर समाज के श्री कैलाश वेद, जेनेश झांझरी, कमल रावका, शिरीष जैन, देवेंद्र सेठी, गोटूलाल जैन, सुनील जैन, भूपेंद्र जैन आदि अनेक वरिष्ठ जन उपस्थित थे। संचालन कैलाश लुहाडिया ने किया। आभार समाज के अध्यक्ष विमलचंग गंगवाल ने माना। इस अवसर पर दोपहर में पुष्पगिरी पंचकल्याणक में माता-पिता बनने का सौभाग्य प्राप्त करने वाले श्री नेमीचंदजी-शकुंतला जैन की शोभा यात्रा निकाली गई। घर घर पर माता की गोद भराई की गई। पश्चात पांडाल में समाज द्वारा माता की गोद भराई की गई और अनेक समाज जनो ने भी गोद भराई कर पुण्यार्जन किया। समापन पर समाज द्वारा वात्सल्य भोज का आयोजन किया गया। हजारो लोगों ने इसे प्राप्त कर सुस्वादु भोजन की सराहना की इस कार्य में श्री मनीष काला मोन, पवन पाटनी, अशोक पाटनी, कीर्ति काला, सुनील अजमेरा, अंकित गनावाले. महेंद्र मन, महेंद्र गुनावाले, महावीर वेद मनोज ठाकुर, धर्मेंद्र गंगवाल एवं पूरी टीम ने बहुत लगन और समर्पण से लगे रहे सभी को बहुत बहुत बधाई